नई Maruti Suzuki Wagon R भारत में लॉन्च, इतनी बदल गई

मारुति सुजुकी ने अपनी नई Wagon R को आखिरकार भारत में लॉन्च कर दिया है. इस कार के लिए बुकिंग पहले ही शुरू की जा चुकी थी. नई थर्ड जेनरेशन Wagon R अपने अंतरराष्ट्रीय मॉडल की तुलना में काफी अलग है. ये Swift और Dzire की तरह Heartect पर बेस्ड है. नई कार पिछले मॉडल की तुलना में काफी बड़ी है और इसमें ज्यादा इक्विपमेंट्स दिए गए हैं. इस कार का मुकाबला भारतीय बाजार में खास तौर पर Hyundai की Santro से है.

न्यू जेनरेशन Wagon R 3655 mm लंबी और और 1620 mm चौड़ी है. इसका व्हीलबेस 2435 mm है. इस कार में नया फ्लोटिंग रूफ डिजाइन, नया ORVMs और नया LED टेललैम्प दिया गया है. केबिन में यहां नया डैशबोर्ड स्मार्टप्ले स्टूडियो इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ दिया गया है. साथ ही क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलेंगे. यहां स्टीयरिंग में ही म्यूजिक और टेलीफोन के लिए कंट्रोल दिए गए हैं.

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो यहां स्टैंडर्ड तौर पर सारे वेरिएंट्स में ड्राइवर साइड एयरबैग, EBD के साथ ABS, फ्रंट सीट बेल्ट रिमाइंडर, स्पीड अलर्ट सिस्टम और रियर पार्किंग सेंसर दिया गया है. हालांकि पैसेंजर साइड एयरबैग यहां स्टैंडर्ड तौर पर नहीं दिया गया है.

मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो यहां  2019 Wagon R में 1.2-लीटर, 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है. ये वही यूनिट है जो Ignis, Swift, Dzire और Baleno में मिलता है. ये इंजन 83PS का पावर और 113Nm का पिक टॉर्क जेनरेट करता है. यहां ट्रांसमिशन के लिए 5-स्पीड AMT और स्टैंडर्ड मैनु्अल ट्रांसमिशन मिलेगा. हालांकि इंजन टॉप दो V और Z वेरिएंट में ही आएगा. साथ ही यहां 1.0-लीटर, 3-सिलिंडर इंजन भी दिया गया है. ये मोटर  68PS का पावर और 90Nm का पिक टॉर्क जेनरेट करता है. यहां भी स्टैंडर्ड ट्रांसमिशन ही मिलेंगे.

गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भारतीय जनता पार्टी की नेता रहीं माया कोडनानी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, जबकि बजरंग दल के बाबू बजरंगी की सजा को बरकरार रखा था.

इस मामले की जांच और सुनवाई काफी लंबे समय तक चली थी और लगातार चर्चा का विषय बनी रही थी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस मसले में अपना बयान दर्ज कराया था, शाह ने माया कोडनानी को लेकर बयान दर्ज करवाया था.

सितंबर, 2017 में दर्ज कराए गए अमित शाह के बयान में उन्होंने कहा था कि उन्होंने माया कोडनानी को 28 फरवरी, 2002 को विधानसभा में देखा था. ऐसे में ये मुश्किल है कि वह एक ही समय पर दो जगह उपस्थित हो सकें.

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि गुजरात के गोधरा में 27 फरवरी, 2002 को साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगा दी गई थी. इस ट्रेन में अयोध्या से लौट रहे 59 कारसेवकों की मौत हुई थी. गोधऱा मामले के बाद गुजरात में भड़के दंगों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी. इस मामले को लेकर प्रदेश की तत्कालीन मोदी सरकार सवालों के घेरे में आ गई थी. इन्हीं दंगों के दौरान नरोदा पाटिया की घटना भी हुई थी.

अगले दिन सुबह सेना के लोगों ने गोलीबारी शुरू की. सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर मैंने कुछ गोलियों की आवाज सुनी और मुझे लगा ये सेना की जवाबी फ़ायरिंग है. 9 बजकर 30 मिनट से लेकर 11 बजकर 15 मिनट के बीच सेना ने होटल पर कई ग्रेनेड दागे.

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